बेतिया। नगर परिषद की सभापति रहीं गरिमा देवी सिकारिया ने शनिवार को अपने निजी कोष से एक हजार से भी अधिक परिवारों के बीच घरेलू उपयोग की सहाय सामग्री यथा चावल, आटा, दाल, सरसो तेल, चना, नमक, बिस्कुट पैकेट्स आदि के अतिरिक्त जरूरी होने पर बरसात में अपने घर से निकलने में उपयोगी फोल्डिंग छाते का वितरण किया।

इस अवसर पर आमंत्रित लोगों से उन्होंने कहा कि हमारे यजुर्वेद वेद में कहा गया है कि -'आर्त्त सेवा परम् धर्म:' अर्थात दुःखी व जरूरतमंद की सेवा सर्वोत्तम धर्म है। ईश्वर ने भी सहयोग की क्षमता हर मनुष्य में दी है। हम सभी को अपने पास-पड़ोस और परिवेश से लेकर सहयोग पाने की अपेक्षा से प्रस्तुत हर एक व्यक्ति का सम्मान करते हुये अपने आराध्य भगवान का धन्यवाद करनी चाहिए। क्योंकि  ईश्वर ने सहयोग की क्षमता देकर हमें अन्य की मदद के लायक बनाया है। उन्होंने कहा कि किसी का भी सहयोग हम शारिरीक, मानसिक, बौद्धिक और आर्थिक में से अनेक प्रकार से कर सकते हैं। श्रीमती सिकारिया ने कहा कि कोरोना की महामारी ने समाज के हर तबके के लोगों को शारिरीक और मानसिक रूप से भी पीड़ित किया है। उन्होंने कहा कि हम मदद के लिये उपयुक्त सामर्थ्यवान नहीं भी हों तो भी हम में से कोई भी व्यक्ति पीड़ित या जरूरतमंद का सही मार्गदर्शन करके भी सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि  सकारात्मक सोंच के साथ हम केवल सही मार्गदर्शन करके भी समाज में अपनी उपयोगिता साबित कर सकते हैं। यहां उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण की पहली लहर की तरह इस दूसरी लहर में भी गरिमा देवी सिकारिया के द्वारा महीने भर से सैकड़ों जरूरतमंदों को गर्म व पका भोजन परोसा जा रहा है। इसके अतिरिक्त सैकड़ों रुपये मूल्य के सूखा राशन और घरेलू उपयोग के अनेक सामानों का  वितरण लगातार दूसरे भी किया जा रहा है। इस मौके पर सुमन देवी सिकारिया, अनामिका सिकारिया एवं नवेन्दु चतुर्वेदी ने सहयोग किया।